एक गरम दिन

प्रारम्भ

प्रातःकाल के उगते हुए सूरज की छटा अच्छी नहीं लगती । ज्यों-ज्यों सूरज आसमान में ऊँचा उठता जाता है, त्यो-त्यों ऐसा लगता है कि उसमे तेजी और चमक बढती जा रही है 

शाम का समय

शाम होने के बाद ही लोग घरों के बाहर निकलना शुरू करते हैं । यही समय खरीदारी का भी होता है सड़कें और बाजार गुलजार हो जाते है यहाँ अब कुछ भीड़भाड़ दिखाई देने लगती है आइसक्रीम और शीतल पेय बेचने वालों की खूब बिक्री होती है 

रात्रि का समय

देर रात तक ठंडी हवाए चलने लगती हैं । इससे लोगों को बड़ी राहत मिलती है । बहुत-से शाम को दुबारा स्नान करके दिनभर की धूल-धक्कड, पसीना और गरमी से राहत पाते हैं । कभी-कभी रात में तेज हवाओं या पानी की हल्की फुहार गरमी से राहत दिलाकर मौसम सुहावना कर देती है

60 पार उम्र

जब बुढ़ापा आता है तो अपने साथ बीमारियां भी ले आता है। फिर बुढ़ापा, दवाइयों, परहेज़ो और हस्पतालों में निकल जाता है जिससे शरीर के सिस्टम्स धीरे-धीरे कमजोर होने लगते है। इसी कारण इस उम्र में जब कोई रोग आता है, तो उसके साथ अन्य बीमारियां भी आ जाती। लेकिन यदि हम सही तरीके से योग का अभ्यास प्रतिदिन करे तो शरीर में मौजूद बीमारियां भी दूर हो जाएंगी और उम्र के इस पड़ाव में भी ज़ल्दी से बीमारी नहीं आएंगी हमें स्वस्थ रखने के लिए एक अचूक विद्या रही है। यह हमारी प्राण ऊर्जा को बल देकर शरीर की कोशिकाओं का पुनर्निमाणकरती है। जिससे कमज़ोर होते अंगों को ताकत मिलती है। सीनियर सिटिजन के लिए योग से बढ़कर दूसरा कोई और स्वस्थ बने रहने का प्राकृतिक तरीका नहीं है। योगाभ्यास को सुबह खाली पेट शौच आदि से निवृत्त होने के बाद खुले वातावरण में करना चाहिए, यदि मौसम ठंडा है शाम के समय भी लंच से 4-5 घंटे बाद खाली पेट कर सकते हैं। योगाभ्यास करते समय मन में यह भाव रखें कि मेरे शरीर में आई बीमारियां ठीक हो रही हैं और पूरा शरीर चुस्त-दुरुस्त होता जा रहा है

स्वस्थ गर्भावस्था

अच्छी प्रसवपूर्व देखभाल आपके और गर्भस्थ शिशु के लिए बहुत जरुरी है। इसलिए डॉक्टर को तुरंत फोन करें और अपना पहला प्रसवपूर्व अप्वाइंटमेंट तय करें

आपको शुरुआत से ही स्वस्थ गर्भावस्था के लिए अच्छी सलाह मिल जाएगी आपके पास कोई भी जरुरी अल्ट्रासाउंड स्कैन या टेस्ट करवाने का पर्याप्त समय होगा।

स्टार्चयुक्त भोजन (कार्बोहाइड्रेट्स) जैसे चावल, रोटी, ब्रेड और पास्ता। आप जो भी खाती हैं, उनमें एक तिहाई से थोड़ा ज्यादा हिस्सा कार्बोहाइड्रेट्स का होना चाहिए। सफेद की बजाय संपूर्ण अनाज वाली वैरायटी चुनें, ताकि आपको पर्याप्त फाइबर मिल सके प्रतिदिन दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन करें, जैसे दूध, दही, चीज़, छाछ व पनीर। अगर आपको दूध नहीं पचता है या लैक्टोस असहिष्णुता है, तो कैल्शियम युक्त अन्य विकल्प जैसे छोले, राजमा, जई (ओट्स), बादाम, सोया दूध और सोया पनीर (टोफू) का चयन कर सकते हैं

हर दिन करीब आठ से 12 गिलास पानी पीने की कोशिश करें। आप मलाई रहित (डबल टोन्ड) या कम मलाई वाला (टोन्ड) दूध या इन पौष्टिक और ताजगीपूर्ण पेयों को भी तरल के सेवन में शामिल कर सकती हैं। कैफीनयुक्त और कृत्रिम स्वाद वाले पेयों का सेवन न करें और फलों का ताजा जूस और सूप पीएं

टमाटर खाने के फायदे

सर्दियों में टमाटर का सूप भी लोगों के बीच बेहद पसंद किया जाता है। टमाटर हमारी सेहत को ही नहीं बल्कि खूबसूरती को भी बरकरार रखने में बेहद अहम भूमिका निभाता है

लेकिन सेहत से जुड़े टमाटर के फायदे के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। सर्दियों में टमाटर का सूप भी लोगों को बीच बेहद पसंद किया जाता है। टमाटर हमारी सेहत को ही नहीं बल्कि खूबसूरती को भी बरकरार रखने में बेहद अहम भूमिका निभाता है

टमाटर के नियमिक सेवन करने से पाचन क्रिया मजबूत बनती है। जिससे गैस, पेट संबंधी रोगों में लाभ मिलता है

गाय का दूध

अपने घर के आस-पास की पशुशाला या फिर दूध बेचने वाले व्यक्ति से दूध खरीदते हैं यह दूध गाय का होता है या फिर भैंस का भी हो सकता है। ज्यादातर लोग गाय का दूध पीना ही पसंद करते हैंगाय के दूध में प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं यह ऐसे प्रोबायोटिक्स होते हैं जो इम्यून सेल्स को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं जिससे हमारी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सकती है गाय के दूध में कैल्शियम की सामान्य मात्रा पाई जाती है। इसलिए गाय का दूध अगर नियमित रूप से पीया जाए तो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है

चाय पीने के लाभ

सर्दियों का मौसम हो या गर्मियों की शाम, चाय पीना तो बनता ही है। कई लोगों की तो दिन की शुरुआत ही चाय से होती है और चाय पर ही खतम। अगर आप भी चाय प्रेमी हैं और इसको अपनी जिन्‍दगी का एक अटूट हिस्‍सा मान चुके हैं, तो चलिए आज जान लेते हैं 

चाय पीने की वजह से धमनियां चिकनी और कोलेस्‍ट्रॉल से मुक्त हो जाती हैं। छह कप से अधिक चाय पीने से दिल की बीमारी होने का खतरा एक तिहाई कम रहता है

जो चाय का सेवन 10 साल से करते आ रहे हैं और जो चाय नहीं पीते। अध्‍ययन में पाया गया कि चाय पीने वालों की हड्डियां उम्र, अधिक वजन, व्‍यायाम, धूम्रपान और अन्‍य रिस्‍क फैक्‍टरों के बावजूद भी मजबूत है

कई लोगों की शिकायत होती है कि व्‍यायाम करने पर भी उनका वजन नहीं घटता, पर अगर आप ग्रीन टी पियेगें तो आपका मैटाबॉलिज्‍म रेट बढे़गा जिससे 70 से 80 कैलोरी आराम से बर्न हो सकती है। इसके साथ ही आपाको रोज 30 घंटे की वाल्‍क भी लेनी जरुरी है

स्वास्थ्य ही धन है

हमें अपने स्वास्थ्य को ध्यान मे रख कर ही धन कमाना चाहिए। आप भी अपने आप से पूछिए कहीं आप पैसा कमाने मे इतने व्यस्त तो नहीं हो गए हैं की वह आपके स्वास्थ्य से ज्यादा जरूरी लगने लगा है भोजन और ऑफ़िस से काम करने के बाद घर लौटने पर आराम करना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक होता है

आज के जीवन में लोग बहुत ही ज्यादा जंग फूड या तेल और नमक युक्त खाना खा रहे हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है घर में स्वछता का ध्यान रखना, और अच्छे स्वच्छ वातावरण में रहना स्वस्थ जीवन के लिए बहुत आवश्यक होता है। इससे हमारा इम्युनिटी मजबूत रहता है और बार-बार अस्पताल का रास्ता नहीं देखना पड़ता है।

ओवरईटिंग

आपको एक से अधिक व्यंजन पसंद हैं? क्या आप टीवी देखते समय ज्यादा खाते हैं अथवा डायट पर होते हुए भी अधिक आहार का सेवन करते हैं

व्यंजनों से भरी बड़ी थाली रेस्टोरेंट में अच्छी लगती है, लेकिन रोजमर्रा के भोजन के लिए व्यंजनों की मात्रा सामान्य या कम होनी चाहिए

लगभग 6 से 8 घंटे। साथ ही जिस समय आपको अधिक थकान महसूस होती है उस समय का एक नोट बनाएं। अगर एक बार आपको पैटर्न समझ में आ गया, तो इससे लडने के लिए आप जंक फूड के बजाय स्वस्थ नाश्ते का चयन कर सकते हैं।

कम पानी पीने वाले व्यक्ति अधिक खाना खा सकते हैं। इसलिए आप दिन भर अधिक पानी पिएँ, इससे आपका पेट भरा हुआ रहेगा। भोजन से पहले एक गिलास पानी पीने की आदत डालें, इसके अवाला पानी का एक गिलास सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले जरुर पिएं।

सेहत का खजाना

अगर काम की वजह से देर रात (करीब 1-2 बजे) सोते हों तो देर से भी उठ सकते हैं। नींद पूरी होना जरूरी है। अगर रात में नींद पूरी नहीं होती तो सुबह उठकर एक्सरसाइज और ब्रेकफास्ट आदि करने के घंटे भर बाद एकाध घंटे का नैप ले सकते हैं। इससे नींद पूरी हो जाएगी। लंच और डिनर के बीच के स्नैक्स पर भी यही लागू होता है उठने के बाद सबसे पहले एक गिलास सादा या गुनगुना पानी पिएं। इससे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। एक गिलास पानी में आधा नीबू निचोड़ कर भी पी सकते हैंफ्रेश होने के 10-15 मिनट बाद एक कप ग्रीन टी या हर्बल टी या ताजा मौसमी जूस ले सकते हैं। इस वक्त हमारे शरीर की जज्ब करने की क्षमता ज्यादा होती है। ऐसे में हेल्दी खाएं ताकि उसका फायदा शरीर को ज्यादा मिले वक्त की बेहद कमी हो तब भी रोजाना 45 मिनट ब्रिस्क वॉक करें। ब्रिस्क वॉक में हम आमतौर पर 1 मिनट में 70 से 80 कदम चलते हैं। एक बार इतना नहीं चल सकते या इतना वक्त नहीं मिलता तो दो बार में कर लें। सुबह टाइम नहीं है तो शाम में कर लें, लेकिन वॉक जरूर करें। 

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